Friday, March 19, 2010
१९७७ के कुत्ते
Sunday, March 14, 2010
क्या ३३% महिला विधेयक से सभी वर्ग के महिला को लाभ होगा?
Friday, March 12, 2010
आनंद से भरा महिला विधेयक
पुरे देश पर भारी टिकरी (मुलायम, लालू यवम शरद )। आखिर ऐसी कौन सी मज़बूरी हो गई जिससे रूलिंग पार्टी या संसद को महिला विधेयक पास करने में इतना बिलम्ब हो रहा ? ३३% तो सभी वर्ग के लिए है इस बात को बुध्धिजीवी वर्ग इन तिकरियों को समझाने में असमर्थ क्यों है?
भा ज पा में भी अंतर्कलह , राजद भी राग अलाप रही उधर सपा भी चिल्ला रही वन्ही ज द यु में भी दो फार है नितीश कह रहे हम महिला आरक्षण के समर्थन में है तो शरद कह रहे है की हम संसद में प्राण दे देंगे । यह तो नाटकीय जाल है भाई। जनता को तो ये लोग पुर्णतः बेबकूफ ही समझ लिया है। ये लोग जान गए है की हम जो चाहेंगे वही जनता को करना होगा चाहे वो हंसकर करे या रोकर। मीडिया भी इसमें पुरजोर मज़ा ले रही।
Sunday, February 28, 2010
राहुल की शहनाई में संघ यवम भाजपा
Thursday, December 31, 2009
Thursday, December 24, 2009
वोट बैंक में नई खोज
नितीश गए हवा खाने। नितीश जी मीडिया को अपने हाँथ और मुठी में ले लेने से वोट बैंक में इजाफा कंहा तक हुआ? अब चुनाव आने वाला है। बिहार वासियों को ढेर सारे उपहार नितीश देने वाले है। ताकि वोट बैंक सही-सलामत रह सके। झारखण्ड में तो बूंट लादने गए अब तो उनकी ही बारी है।
"बाबु जी जरा धीरे चलना वोट में धोखा है " लालू और पासवान एक ओर अपने-अपने पासा फेंकने में लगे है वंही राहुल भी अपने नौजवान को लेकर बिहार में कदम रखने जा रहे है। देखना है की बिहार की बाबु जनता नितीश के हवा-हवाई मामलों को लेकर वोट करती है या फिर एक खुशहाल बिहार की तस्वीर को लेकर नई खोज।