नेपाल के पशुपतिनाथ मन्दिर से अगर हिंदू पुजारी को नेपाल सरकार हटा ही दिया तो इसमे हिंदू वर्ग को कैसा खतरा? क्या वही दो पुजारी हिंदू धर्म के आधार हैं? क्या उनके हटाने से हिन्दुओं के अस्तित्वा पर ही संकट खड़ा हो गया? भला हम यह क्यों भूलने लगे की नेपाल एक हिंदू राष्ट्र है। हिंदुत्वा की कंही ज्यादा चिंता नेपाल को होनी चाहिए न की भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश को। चर्च के कुछ पादरियों को खदेड़ कर या पशुपतिनाथ मन्दिर के दो पुजारियों के नाम पर हिंदुत्वा की यह घिनौनी राजनीत सही नही है।
बीजेपी के तथाकथित अध्यक्ष मीडिया के समक्ष कैसी चिंता व्यक्त की। क्या बीजेपी के पास कोई मुद्दा नही? क्या मीडिया के पास कोई मुद्दा नही? क्या हिंदुत्वा पर ही बीजेपी की राजनीत टिकी हुई है अगर ऐसा है तो राजनाथ जी को राजनीत करने से अच्छा है की वो किसी घराने का पुजारी बने। नेपाल को हिंदुत्वा का ख्याल है और रहेगा। नेपाल के दो भारतीये पुजारियों पर चिंता व्यक्त करने से उनका निज स्वार्थ पुरा हो सकता है न की पुरे हिंदुत्वा को।
नेपाल सरकार को यह हक़ है की वो अपने ही देश के पंडितों से पशुपतिनाथ मन्दिर में पूजा कराये। मै राजनाथ जी से पूछना चाहूँगा की उनके घर में अगर नेपाली पुजारी पूजा कराये तो उन्हें कैसा लगेगा ।
पूंछ में चार दिनों से लगातार मुठभेड़ हो रहा है लेकिन इस मुद्दे पर कुछ नही बोल रहे हैं। यही देश का दुभाग्य है।
बीजेपी के तथाकथित अध्यक्ष मीडिया के समक्ष कैसी चिंता व्यक्त की। क्या बीजेपी के पास कोई मुद्दा नही? क्या मीडिया के पास कोई मुद्दा नही? क्या हिंदुत्वा पर ही बीजेपी की राजनीत टिकी हुई है अगर ऐसा है तो राजनाथ जी को राजनीत करने से अच्छा है की वो किसी घराने का पुजारी बने। नेपाल को हिंदुत्वा का ख्याल है और रहेगा। नेपाल के दो भारतीये पुजारियों पर चिंता व्यक्त करने से उनका निज स्वार्थ पुरा हो सकता है न की पुरे हिंदुत्वा को।
नेपाल सरकार को यह हक़ है की वो अपने ही देश के पंडितों से पशुपतिनाथ मन्दिर में पूजा कराये। मै राजनाथ जी से पूछना चाहूँगा की उनके घर में अगर नेपाली पुजारी पूजा कराये तो उन्हें कैसा लगेगा ।
पूंछ में चार दिनों से लगातार मुठभेड़ हो रहा है लेकिन इस मुद्दे पर कुछ नही बोल रहे हैं। यही देश का दुभाग्य है।